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7 फरवरी को बस्तर में ऐतिहासिक दिन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आगमन

जगदलपुर। बस्तर संभाग जल्द ही एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 7 फरवरी को बस्तर के प्रवास पर रहेंगी और जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित होने वाले बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय आयोजन का औपचारिक उद्घाटन करेंगी। राष्ट्रपति मुर्मू का यह दौरा बस्तर के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि वे यहां आने वाली देश की पांचवीं राष्ट्रपति होंगी।

इससे पहले कई वर्षों बाद किसी राष्ट्रपति का बस्तर आगमन हो रहा है। वर्ष 2018 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दंतेवाड़ा का दौरा किया था। राष्ट्रपति मुर्मू के इस प्रवास को क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

राष्ट्रपति के आगमन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। लालबाग मैदान को कार्यक्रम के लिए विशेष रूप से संवारा जा रहा है। मंच निर्माण, बैठक व्यवस्था, प्रवेश और निकास मार्ग, मीडिया के लिए अलग व्यवस्था तथा पार्किंग की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। VVIP मूवमेंट के लिए तय रूट्स पर विशेष प्रबंध किए गए हैं और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। यातायात को सुचारु रखने के लिए अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं।

आदिवासी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े इस आयोजन में राष्ट्रपति की मौजूदगी को बस्तर के लिए गौरवपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह कार्यक्रम न केवल सांस्कृतिक पहचान को मजबूती देगा, बल्कि बस्तर को राष्ट्रीय पटल पर एक बार फिर विशेष पहचान दिलाने में सहायक साबित होगा।

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